Hindi

मैं तुम्हारे साथ हूँ

आगे चलो ,
क्यों की , पीछे सिर्फ इतिहास बैठा है ,
कुछ लोग, कुछ बाते,कुछ कड़वी, कुछ मीठी यादें,
ये सब बीते वक़्त की यादें है ,जो दब रही है वक़्त के गर्त में |

 

छोड़ दो, इन गर्दो को, उड़ जाने दो ,
मलबे से गुम्बदे तामील नहीं होती ,
टूटे आईने में शकले नहीं दिखती ,
फूटे प्याले की दरारें, कभी नहीं भरती ,
इन बीते यादों, से बच जाता है तो सिर्फ ,
मायूस,बेबस , जिरह खारदार यादों की ,

 

 

आओ आगे, मेरे साथ , फिर से मिल कर ,
ताना-बाना,बुनेगें आने वाले वक़्त का ,
खाका खीचेंगे उजले मुस्तकबिल का ,
तुम एक कदम भरो तो सही ,
मैं तुम्हारे साथ हूँ |

 

तामील- अमल, जिरह- पूछताछ , खारदार- काँटेदार, मुस्तकबिल- भविष्यकाल

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