साल का बही खाता ….

अपने इस साल का खाता लेकर बैठा आज ,
देखने अपना नफा नुकसान ,
देखा बहुत सी यादें मिली अपने आप, कुछ लोग भी गए खुद बा खुद ,
बहुत कुछ जुड़ा मेरी यादों की तिजोरी में,
काफी कुछ घट गया अपने और दोस्ती-यारो में,

 

बहुतो को यादें दी , जो वो अपने साथ ले कर चले गये,
बहुतो से एहसान लिया जो चूका नहीं पाया ,
बहुत सी यादें फस गयी दो दिलो के दरारों में ,
और ,बहुत कुछ मिल गया , अनजाने यारो में ,

 

काफी कुछ उलझा , काफी मैं सुलझा ,
कुछ दोस्त बनाये , कुछ रिश्ते फैलाये,
कुछ यादें सजोयी, कुछ अनुभव पिरोये ,

 

इन सब में मैंने खुद को खोया ,
खुद को पाया , कभी खुद को बेबस,
कभी बेक़रार , कभी निराश ,कभी हताश पाया,
मैंने खुद को साल के बही कहते में बंधा पाया ,

 

फिर देखा नया पन्ना , नया साल ,
फिर मुस्कुराया , और चला हूँ लिखने ,
नयी कहानी , नयी कलम से ,
नयी शुरुवात , नयी किरण से |

 

नया साल आप सभी को मुबारक हो,

© Abhishek Yadav 2016

image source – www.google.co.in

Advertisements

Author: Free Spirit- Abhishek

I am a free spirit. I am living human because I not only see this entire world but also react, the response on impulses after my own observation and analysis. I write because, I see and all thing which is around me and I reacts on those small and big impulses, desires, ideas, and motivations. there are many stories, many ideas, many thoughts are in my mind, which I share via my blog My philosophy is to share what is I see, what I feel, what I imagine, what I react with people all around me, somewhere out, freelining somewhere far from me, rather than keeping within me.

I am waiting for your feedback -

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s