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तुम्हारी किताबे

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किताबे मुझे कुछ बताती है, तुम्हारी किताबे बहुत कुछ बताती है ,

तुम्हारा किताबो में उलझ जाना , फिर लेटे लेटे अपनी लटो को सहलाना ,

तुम्हारा मध्यम मुस्कुराना ,अपने गेसुओं को उलझना,

कभी सुर्खाब के पर लेकर उड़ जाना ,

कभी चाँद को जमी पर , कभी मछलियाँ आकाश में तैराना,

कभी करना अपनी आँखों को पूरी रात सुर्ख लाल ,

कभी उलझना , सहलाना ,कभी हटाना , कभी फैलाना अपने बाल ,

कभी तर करना कागज़ को देकर अपनी उंगलियो का पसीना ,

कभी पन्ने मोड़ देना  सोते वक़्त देकर अपना सीना |

 

 

ये सब मुझे तुम्हारी किताबे बतलाती है ,

और क्या कुछ नहीं तुम्हारी चुगलीया सुनाती है,

कैसे तुम मरोड़ती हो, ज़िल्दो को अपनी आगोश में,

कैसे रंग देती हो , किताबो को जोश में,

कैसे तुम उड़ जाती हो , शब्दों के पार ,

कैसे तुम कर लेती हो, कहानियो से पयार ,

कब तुम्हारा दिल टुटा , कब तुम मुस्कुराई ,

कब तुम्हारा गला रुन्घा, कब तुम खिलखिलाई ,

किताबे तुम्हारी बहुत कुछ बताती है , बहुत कुछ समझती है |

 

 

काश मै भी तुम्हारी किताब होता , तो हर वक़्त तुम्हारे साथ होता,

तुम मुझ संग हँसती,मुस्कुराती , हाथो में लेकर बलखाती,

कभी होता तुम्हारे हाथो में करता संग सपनो की सवारी ,

घूमता कल्पना की दुनिया में , लेकर तुम्हारी यारी |

 

तुम्हे है किताबो से पयार , मुझसे इंकार ,

अब कुछ नहीं बस सादे कागज़ रंगते जाऊंगा ,

शब्दों की फसल लगाउँगा ,

और सब एक साथ कर मोटी किताब बनाऊंगा ,

तब शायद , तुम्हारे करीब आ पाउँगा , शायद तुम्हारे दिल में बस जाऊंगा ,

और तुम्हारे दिल में अपने शब्दों से बस पाउँगा ,

शायद, तुम्हारी सबसे हसीन किताब बन जाऊंगा |

Fantasy-Girl-Sleeping-Underwater-With-Books-Images-540x303

© Abhishek Yadav 2015

Image source www. google.co.in

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Author:

I am a free spirit. I am living human because I not only see this entire world but also react, the response on impulses after my own observation and analysis. I write because, I see and all thing which is around me and I reacts on those small and big impulses, desires, ideas, and motivations. there are many stories, many ideas, many thoughts are in my mind, which I share via my blog My philosophy is to share what is I see, what I feel, what I imagine, what I react with people all around me, somewhere out, freelining somewhere far from me, rather than keeping within me.

3 thoughts on “तुम्हारी किताबे

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