Hindi

मयख़ाना

मयख़ाना

न मिले कभी मेरे गमो को सहलाने वाले ,

मिले बहुत से मुफ्त पिलाने वाले |

मिला न कोई संग कब्र पर ले जाने वाले,

मिले बहुत से मैखाने में उठाने वाले |

दीवारे फट गयी मेरी सोख कर मेरी गूंगी चीखे ,

पर यार बहुत मिले, मयख़ाने में सुनने और सुनाने वाले |

कम अक़ल लोग क्यों शराब को कोसते है ,

क्यों  पीता मै, अगर मिल जाते मुझे ये समझाने वाले |

इस दुनिया से तो मयखाने अच्छे है ,

जहा मिलते है, मुझसे बदत्तर और दिलो को बहलाने वाले |

बिन मुखौटो के यही लोग मिल जाते है ,और यही मिल जाते है ,

मेरी सुनने और आप सुनाने वाले |

जब भी दिल बेबस हो, दिल नाराज़ हो, मयख़ाने जाना ,

मिल जायेगे यही तुम से ज्यादा, बदकिस्मत , बेबस और गमो के परवाने वाले |

आओ कभी बैठे  हम, तुम और मेरे मयख़ाने वाले,

ताज़ा दम, बेफिकर हो जाओगे, तुम यहाँ से जाने वाले |

 acrylic_painting_of_white_wine_in_wine_glass_by_s_b_w_art-d6zuudx

©Abhishek Yadav 2015

images source- www.google.co.in

I am waiting for your feedback -

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s